World Mental Health Day 2021 | क्यों मनाया जाता है विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस

स्वास्थ्य की बात करे तो शारीरिक स्वास्थ्य का ही विचार आमतौर पर किया जाता है पर क्या आप जानते है की , विश्व के चार में से एक व्यक्ति उसके जीवनकाल में कभी न कभी मानसिक समस्या (mental health related ) से सामना करता है. इस अनुसार यह समस्या गौर करने लायक है. हमारे यहाँ आज भी शारीरिक समस्याओं को जितनी सहजता से  देखा और समझा जाता हैं, इतनी सहजता से मानसिक समस्याओं को देखा नहीं जाता. यहाँ तक की ऐसी कोई चीज होती है इस पर बहुत लोगों का विश्वास नहीं होता. वो सब उन्हें बस चोचलों का नाम देते है. पर ऐसे लापरवाही करने से यह समस्या कम नहीं होती, बस उनका दमन होता है. इसी लिए मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेना जरूरी है.  आईये पहले जाने की मानसिक स्वास्थ्य मतलब आखिर क्या

मानसिक स्वास्थ्य क्या होता है?  

इंसान का शरीर बहुत पेचीदा रचनाओं से बना है. उस में से एक पेचीदा चीज है इंसानी दिमाग (human brain). इस की विशेषता है की ये न रुकते, अखंड काम करता है और इसी के भरोसे हमारा पूरा शरीर चलता है. आप सोच रहे होंगे की , दिल (heart)  का काम भी बहुत जरुरी होता है. बिलकुल होता है, पर उसे चलाने वाला हमारा दिमाग ही होता है. जी हाँ, आप को ये जानके शायद अचरज होगा की हमारे पुरे शरीर की संवेदनाओं के लिए हमारा दिमाग जिम्मेदार होता है. ब्रेन की वजह से ही हमें चीजे देखना, स्पर्श पहचानना , गंध महसूस करना आदि का अनुभव होता है.  यही नहीं , शरीर में हो रही हर क्रिया की जानकारी brain को होती है और उस अनुसार वह आगे के काम करने के लिए शरीर को मार्गदर्शन करता है. 


पर कभी कभी कुछ कारणों के चलते यह क्रिया ठीक से हो नहीं पाती और brain में जो रसायन उत्पन्न होने चाहिए वह नहीं हो पाते. और जब ऐसा होता है , तो व्यक्ति को किसी न किसी मानसिक समस्या का अनुभव होता है. इस में चिंता (anxiety) , तनाव (stress), डिप्रेशन (depression) जैसी और कई समस्या दिखाई देती है. आमतौर पर काम या लाइफ की कुछ समस्याओं की वजह से चिंता, स्ट्रेस होना आम बात है, पर यदि यह चीजें  आप के रोजमर्रा के काम में, आप के जीवन में रुकावट का रूप लेने लगे तो उन्हें गंभीरता से लेना जरूरी है. जैसे शरीर को  स्वस्थ रखने के लिए अच्छा खाना और शारीरिक मेहनत या व्यायाम की जरुरत होती है, उसी तरह से मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी शरीर स्वस्थ रखने के साथ ही मानसिक समस्याओं के लक्षणों पे ध्यान देने की जरुरत होती है. 


मानसिक स्वास्थ्य को आम भाषा में देखा जाये हो, यह कह सकते है की, व्यक्ती  को अपनी क्षमताओं का पता होना, उनपे भरोसा होना, जीवन में आने वाली रुकावटों को पार करने का सकारात्मक नजरिया होना, भावनाओं में बह जाने से पहले अच्छे बुरे का विचार कर सही निर्णय लेना यह सभी मानसिक स्वास्थ्य अच्छे होने के लक्षण माने जा सकते है. इसी विचार की लोगो में जागरूकता बढ़ाने की जरुरत इन दिनों दिखाई देती है, जब हमारे युवा stress का सामना करने के लिए या तो दारू,सिगरेट जैसे पदार्थों की आगोश में खो जाते है या फिर इस जिंदगी से मुँह मोड़कर आत्महत्या का रास्ता अपनाते है, और अपनों के दिल पर हमेशा के लिए घाव दे जाते है. 

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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस कब होता है? 

जिस देश के युवा सशक्त, वह देश प्रगति करता है. इसलिए मानसिक स्वास्थ्य प्रति जागरूकता और देखभाल का नजरिया बढ़ाने के लिए विश्व मानसिक स्वास्थ्य संघ ( वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ ) 1992 से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस ( World Mental Health Day ) की घोषणा की. इस लिए हर साल विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस  10 अक्टूबर ( 10  October ) को मनाया जाता है.

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की विशेषताएं क्या है? विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मानसिक स्वास्थ्य बनाये रखने पर जनजागृति करने के लिए मनाया जाता है. ताकि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोग सजग हो और कुछ कठिनाई आने पर इलाज के लिए हिचकिचाए नहीं. साथ ही देखे और क्या कहता है यह दिन – 

१) मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान देना है जरुरी –

हमें अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान जरूर रखना चाहिए, हमारा मन हमसे क्या कह रहा है यह समझने की कोशिश करनी चाहिए. 

२) बात करने से हो सकती है मुश्किल आसान 

मानसिक अस्वास्थ्य के प्रति बात करने में कभी कभी लोग शर्म सी महसूस करते है, “मैं क्या पागल हूँ?”, “यह तो बस मेरे दिमाग में चल रहा है, अपने आप ठीक हो जायेगा”, “किसी को बताएँगे तो लोग मेरा मजाक उड़ाएंगे” यह सब विचार हमें बात करने से रोक देते है. पर विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हमें ये याद दिलाता है की बात करने से हर मुश्किल आसान हो सकती है, समस्याओं के हल निकाले जा सकते है और हमें मदत मिल सकती है, दिमाग में चल रहे अशांति की वजह जानी जा सकती है, और उस का ठीक से इलाज किया जा सकता है. 

३) मानसिक रोग कोई पाप नहीं , इस का भी इलाज मुमकिन है

लोग अक्सर सोचते है की, मानसिक समस्या के लिए डॉक्टर को दिखाना मतलब लोग तो हमें पागल ही समझेंगे, या मानसिक रोगियों ने जरूर कुछ पाप किये होंगे तभी उनकी यह हालत है. पर यह सोचना गलत है. दिमाग में हुवी रासायनिक गड़बड़ी का नतीजा मानसिक अस्वाथ्य होता है, इस में पाप या पुण्य का कुछ संबंध नहीं होता. बड़ी से बड़ी मानसिक बीमारियों का इलाज आज मुमकिन है, उस के लक्षण control करना मुमकिन होता है. इस लिए मन के डॉक्टर यानि सायकायट्रिस्ट  और सायकोलॉजिस्ट को दिखाना जरुरी होता है. 

४) परिवार का सपोर्ट निभाता है अहम् भूमिका

Photo by Tyler Nix on Unsplash

 Covid के आने के बाद हम सब ने परिवार का महत्व पहले से ज्यादा महसूस किया. परिवार में आपस में प्यार, विश्वास और सहानुभूति हो तो परिवार किसी भी मुश्किल का सामना कर सकता है. इसी तरह किसी भी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य के लिए पारिवारिक वातावरण स्वस्थ होना भी जरुरी होता है. 


इन सभी बातों का महत्व बताने के लिए हर साल विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day) 10 अक्टूबर ( 10  October ) को मनाया जाता है.

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